मौलिक ज्ञान

क्या आधुनिक विज्ञान भी र्इश्वर की सत्ता को मानता है ?

आधुनिक पाश्चात्य वैज्ञानिकों में कुछ वैज्ञानिक निजि रूप से र्इश्वर के अस्तित्व को स्वीकार करते हैं। कुछ के आविष्कृत वैज्ञानिक सिद्धान्तों से र्इश्वर के अस्तित्व और स्वरूप की पुष्टि होती है। हां, वैज्ञानिक यह स्वीकार करते हैं, कि वे अपनी लैबोरेटरी के द्वारा र्इश्वर को सिद्ध नहीं कर सकते। किन्तु इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि र्इश्वर है ही नहीं। अभी तक वे जीवात्मा को भी लैबोरेटरी में सिद्ध नहीं कर सके किन्तु व्यवहार में जन्म और मृत्यु को मानते हैं। दिन-प्रतिदिन सूक्ष्म पदाथॅॉं की खोजें हो रही हैं, जो पहले नहीं हुर्इ थीं। इसका अभिप्राय यह नहीं है कि वे पदार्थ अस्तित्व में ही नहीं थे। नीचे हम पाश्चात्य विज्ञान की दो प्रसिद्ध हस्तियों की र्इश्वर के अस्तित्व तथा स्वरूप विषयक मान्यताएं दोहरा रहे हैं।

“All this material universe is the handwork of one omniscient and omnipotent creator”

– Isac Newton (Book – Prince Pia by Isac Newton)

 “I believe in god who reveals himself in the orderly harmony of the universe. I believe that intelligence is manifested throughout all nature.The basis of all scientific work is the conviction that the world is an ordered and comprehensive entity and not a thing of chance”

– Einstein (Book – Science and the idea of god by WW.Earnest Hacking.)